बाल दिवस पर विशेष :पंडित जवाहर लाल नेहरू

22 नव

   पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को पंडित मोती लाल नेहरू तथा श्रीमती स्वरूप रानी के घर हुआ। वे बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। सन 1916 में उनका विवाह कमला कौल से हुआ। सन 1917 में उनके घर एक लड़की पैदा हुई जिसका नाम उन्होंने इंदिरा प्रियदर्शनी रखा। 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड से नेहरू जी की आत्मा कांप उठी और वे राजनीति के संपर्क में आ गए। सन 1921 में उनको 6 मास तथा 1922 में 18 मास की कैद हुई। 26 जनवरी 1930 को रावी के किनारे झण्डा फहराते हुए उन्होंने ने स्वराज्य की मांग की।
    पंडित जवाहर लाल नेहरू उनमें से एक थे जो जीवन में सुखों को छोड़कर अपने देश व जनहित के लिए हर कष्ट सहने को तैयार रहते हैं। वे अपनी प्रतिभा के बल पर स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। वे बच्चों से बहुत प्यार करते थे इसलिए प्रतिवर्ष उनका जन्मदिन बालदिवस के रूप में मनाया जाता है। 27 मई 1964 को उस महान आत्मा का स्वर्गवास हो गया। भारत की जनता उस महान पुरुष को हमेशा याद रखेगी। 14 नवंबर को उनके जन्मदिवस पर हम उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
  

1.    सबल चहल, कक्षा पांचवी, माता हरकी देवी सीनियर सैकंडरी स्कूल ओढ़ां

    बाल दिवस
    बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है। क्योंकि पंडित जवाहर लाल नेहरू बच्चों से बहुत प्यार करते थे अत: उनके जन्मदिन के अवसर पर बाल दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वे हरियाणा में बच्चों से मिलने आए थे और मिठाईयां बांटी थी। जब वे देश के प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने देश के विकास हेतु अनेक योजनाएं बनाई जिन्हें लागू करके देश एक नई क्रांति की ओर अग्रसर हुआ। आज देश में बाल दिवस के उपलक्ष्य में अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं तथा विद्यालयों में बच्चों को पारितोषिक दिए जाते हैं।
        2.    अनिल कुमार, कक्षा छठी, माता हरकी देवी सी.सै. स्कूल ओढ़ां

    पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिवस जो कि बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है के अवसर पर स्कूलों के विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर बच्चों को तरह तरह के उपहार व मिठाईयां बांटी जाती हैं।
        3.    विकास कुमार, कक्षा चौथी, माता हरकी देवी सी.सै स्कूल ओढ़ां

    पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन बच्चों के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन होता है क्योंकि यह बालदिवस के रूप में मनाया जाता है। चाचा नेहरू अपनी अचकन पर गुलाब का फूल लगाए रखते थे। वे भाषा की शुद्धता पर ध्यान देते थे। उनकी समाधि का नाम शांति वन है। हमारे स्कूल में प्रतिवर्ष बाल दिवस मनाया जाता है। चाचा नेहरू इस दिन बच्चों को मिठाईयां व फूल देते थे।
    मनमोहन, आर्यन डुडी, लविशा, कक्षा तीसरी, माता हरकी देवी सी.सै स्कूल ओढ़ां

    आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू जिन्हें बच्चे प्यार से चाचा नेहरू पुकारते थे उनके जन्मदिवस को ही हम बाल दिवस के रूप में मनाते हैं। एक बार 14 नवंबर को उनके निवास स्थान पर बहुत भीड़ थी। बच्चों की टोलियां आई और उनका हार्दिक अभिनंदन किया। नेहरू जी बच्चों को हंसता खेलता देख मुस्कुरा उठे तथा उन्हें मुस्कुराता देख बच्चे एक साथ मिलकर कह उठे चाचा नेहरू जिंदाबाद। तब से सभी उन्हें चाचा नेहरू कहने लगे।
  नीतू गर्ग, कक्षा चौथी, माता हरकी देवी सी.सै. स्कूल ओढ़ां
   

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